Showing posts with label वीर. Show all posts
Showing posts with label वीर. Show all posts

Nov 18, 2014

वीर


तुम वीर हो
तुम आस हो
दूर से दुआओं में,
तुम्ही सबसे पास हो।

तुम साहस हो
तुम धैर्य हो
ज्ञान हो,
शौर्य हो।

हो उदाहरण तुम,
रण समर्पित जीव हो
तुम प्रखर हो सूर्य से
और चंद्र सम शालीन हो।

युद्ध जीते है अनेकों
तुम विजय के प्रतिबद्ध हो,
विष लिये हो कंठ मे
तुम नाम ही से सत्य हो।

तुम विजयी होगे,
सर्व-श्रेष्ठ हो।
चक्रव्यूहों से निकलोगे,
कि तुम अर्जुन-वीर हो।


 - मेरे वीरा (भाई ) को समर्पित