Sep 16, 2015

ईंधन



तुम्हे लिख कर शब्दों में
क्या मिलेगा, सोचती हूँ
हर पल महसूस होते हो 
मुझे यही तृप्त करता है। 

तुम्हे ढूंढना नहीं पड़ता
नयी पुरानी Photos में 
दिल के डिब्बे में अनगिनत 
Rolls रखे हैं तुम्हारे ,
और बातों में पिरो कर 
नहीं बांटना तुम्हे किसी से 
तुम्हे जितना भी पाया है
संजो कर रखना है बस। 

तुम दिखते नहीं कहीं 
ये दुखता है
बात भी नहीं करते
ये भी चुभता है

पर तुम रहे हो …
और किस तरह … 

यही बाकी ज़िन्दगी का 
ईंधन* दे देता है।




*fuel 

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